मुजफ्फरपुर: बंद छात्रावास खोलने की मांग पर छात्र धरने से भूख हड़ताल पर उतरे
मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज परिसर में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने करीब पांच वर्षों से बंद पड़े छात्रावासों को तत्काल खोले जाने की मांग को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन पर उनकी जायज मांगों और छात्र हितों की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।
धरने पर बैठे छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि उन्होंने पूर्व में भी कॉलेज की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कई बार आवेदन दिए थे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी निष्क्रियता के विरोध में यह धरना शुरू किया गया है।
दोपहर में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कनुप्रिया ने आंदोलनरत छात्रों से वार्ता की। छात्रों ने अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा जताई। एबीवीपी के एलएस कॉलेज अध्यक्ष निखिल राज ने बताया कि प्राचार्य से हुई वार्ता के बाद भी जब उनकी मांगों को अविलंब पूरा करने का आश्वासन नहीं मिला, तो उन्होंने शाम को धरने को भूख हड़ताल में बदलने का निर्णय लिया।
छात्रों की प्रमुख मांगों में बंद छात्रावासों को जल्द से जल्द चालू करना, वर्तमान सत्र के छात्रों के लिए भी कम दर पर छात्रावास आवंटन, पुस्तकालय में सीटों की संख्या बढ़ाना और ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण, भूगोल और वाणिज्य विभागों के लिए कक्षा के समय में बदलाव, समय-सारणी में सुधार ताकि अन्य विषयों की कक्षाएं प्रभावित न हों, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था, और छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड वेंडिंग और डिस्पोजल मशीनें लगाने की मांग भी की गई है।
प्राचार्य डॉ. कनुप्रिया ने छात्रों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए बताया कि छात्रावासों में नामांकन के लिए सत्र 2023-27 के लिए एडमिशन नोटिस जारी कर दिया गया है। शनिवार से इसके लिए फार्म उपलब्ध होंगे और 20 दिसंबर तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। मेरिट के आधार पर छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्यू हॉस्टल छात्रों के लिए और विश्वविद्यालय महिला छात्रावास छात्राओं के लिए आवंटित किया जाएगा। प्राचार्य ने यह भी कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्र हितों को सर्वोपरि रखते हुए निश्चित समयावधि के भीतर सभी मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
