मुजफ्फरनगर: तेंदुए के हमले से किसान बाल-बाल बचा, वन विभाग ने लगाया पिंजरा
चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक किसान खेत में गन्ना काट रहा था और अचानक तेंदुए ने उस पर हमला करने की कोशिश की। सौभाग्य से, किसान शोर मचाकर और लाठी लेकर बाहर आ गया, जिससे वह तेंदुए के हमले से बच सका। आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों को आता देख तेंदुआ गेहूं के खेत में छिप गया और फिर जंगल की ओर भाग गया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। एक दिन पहले भी इसी गांव के एक अन्य किसान के सरसों के खेत में तेंदुए को देखा गया था, जिसकी वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से जंगल में तेंदुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन वन विभाग इस मामले में उदासीन बना हुआ है।
घटना के बाद, डीएफओ राजीव कुमार और क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य कुमार अपनी टीम के साथ रोनी हरजीपुर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी ली और जंगल में तीन किलोमीटर के क्षेत्र में काम्बिंग (तलाश अभियान) चलाई। इस दौरान तेंदुए के पंजों के निशान और खेत में खोदी गई मिट्टी को देखा गया। तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में, वन विभाग ने रोनी हरजीपुर निवासी राजीव कुमार के गन्ने के खेत में एक लोहे का पिंजरा लगाया है।
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता विकास शर्मा ने वन विभाग पर तेंदुए को पकड़ने में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 24 नवंबर को डीएफओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा। काम्बिंग अभियान के दौरान भाकियू नेता विकास शर्मा, ग्राम प्रधान विनोद कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि जंगल में तेंदुए के पैरों के निशान मिले हैं और उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद अकेले जंगल में न जाएं और समूह में ही आवाजाही करें।
इसी बीच, पास के गांव मेघा शकरपुर में भी तेंदुए के दिखाई देने की खबर से लोगों में डर का माहौल है। गांव के लोगों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उनके गांव के जंगल में भी तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद से ग्रामीण जंगल में काम करने से कतरा रहे हैं। जगह-जगह तेंदुए के पंजे के निशान देखे जा रहे हैं।
