मुजफ्फरनगर में बिजली राहत योजना से 70 लाख का राजस्व, 11 विद्युत चोरी के मामले उजागर
ऊर्जा निगम द्वारा चलाई जा रही बिजली राहत योजना ने मुजफ्फरनगर में दूसरे दिन भी रफ्तार पकड़ी है। मंगलवार को इस योजना के तहत कुल 407 उपभोक्ताओं ने अपना पंजीकरण कराया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को 70.25 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। योजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता और अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार ने जानसठ क्षेत्र का दौरा कर वहां स्थापित काउंटरों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन की व्यवस्थाओं को परखा और पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। ग्रामीण अंचलों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर ‘सखियों’ को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सखियां अपने-अपने गांवों में घर-घर जाकर महिलाओं और अन्य उपभोक्ताओं को इस योजना के लाभों के बारे में जानकारी देंगी और पंजीकरण कराने में मदद करेंगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें।
सभी अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) और उपखंड अधिकारियों को उनके संबंधित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भ्रमण करने और पंजीकरण काउंटरों को सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 407 उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया, जिससे विभाग ने 70.25 लाख रुपये का राजस्व जुटाने में सफलता प्राप्त की।
राजस्व वसूली के साथ-साथ, इस अभियान के दौरान विद्युत चोरी के 11 मामले भी प्रकाश में आए हैं। इन मामलों में अनियमितताओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ऊर्जा निगम का लक्ष्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि विद्युत चोरी पर अंकुश लगाना भी है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
