मतदाता सूची पुनरीक्षण में जल्दबाजी पर कांग्रेस का सवाल, बीएलओ पर अनियमितताओं के आरोप
राष्ट्रीय चुनाव आयोग द्वारा संचालित एसआईआर योजना के तहत जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य इन दिनों चल रहा है, जिसमें बूथ लेवल के अधिकारी (बीएलओ) जुटे हुए हैं। इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने मंगलवार को कैंप कार्यालय पर एक प्रेसवार्ता आयोजित की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है और इसे बेहद जल्दबाजी में पूरा किया जा रहा है।
मनोज पांडेय ने कहा कि जिस तरह से बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए एसआईआर योजना को आनन-फानन में पूरा किया गया, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी 2027 में प्रस्तावित हैं, ऐसे में इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को इतनी जल्दी क्यों पूरा किया जा रहा है। उन्होंने इस जल्दबाजी को गैरकानूनी बताया।
प्रेसवार्ता के दौरान पांडेय ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया दोषपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है। चुनाव आयोग के नियमानुसार, मतगणना प्रपत्र दो प्रतियों में दिया जाना चाहिए, लेकिन सरकारी बीएलओ द्वारा मतदाताओं को केवल एक ही प्रति आवंटित की जा रही है। मतदाताओं की शिकायत है कि उनके द्वारा भरे गए प्रपत्रों की कोई प्राप्ति रसीद उन्हें नहीं दी जा रही है। कुछ स्थानों पर तो मतदाताओं के फोटो और हस्ताक्षर कराकर ही उनसे गणना पत्र ले लिए जा रहे हैं, जिसे पांडेय ने वैधानिक रूप से गलत बताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई बीएलओ मतदाताओं के घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करने के बजाय बूथों पर बैठकर ही अपना काम निपटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2003 की मतदाता सूची खोलने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह खुल नहीं रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर केंद्रीय सरकार के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया।
मनोज पांडेय ने घोषणा की कि राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इन सभी अनियमितताओं के खिलाफ भविष्य में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस प्रेसवार्ता के दौरान मुनेंद्र पाल सिंह राजपूत, विमल कुमार सिंह, और राजा सलमानी भी मौजूद रहे।
