मतदाता सूची पुनरीक्षण में भ्रम: कहीं फॉर्म अधूरे, कहीं 2003 की सूची का अता-पता नहीं
गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) को लेकर मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसका समाधान किसी तय फोरम पर नहीं मिल पा रहा है। कई घरों में बीएलओ द्वारा अपूर्ण गणना प्रपत्र वितरण किया जा रहा है, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक ही परिवार में चार सदस्य होने पर भी, कुछ घरों में केवल दो सदस्यों के लिए ही गणना प्रपत्र पहुंचाए जा रहे हैं।nnसमस्या का एक और बड़ा कारण यह है कि बीएलओ, निर्वाचन आयोग द्वारा तय आधार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में मतदाताओं या उनके संबंधियों की विधानसभा, भाग संख्या और क्रम संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दे रहे हैं। इस जानकारी के अभाव में, विशेषकर अशिक्षित लोग, अपने नाम की पुष्टि करने और प्रपत्र भरने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। लोग बीएलओ, प्रधान और पार्षदों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।nnकुछ वार्डों के जागरूक पार्षद अपने स्तर पर कैंप लगाकर मतदाताओं की मदद कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश जनप्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण अभियान के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, विभिन्न राजनीतिक दल, जैसे भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी, अपने पदाधिकारियों द्वारा अभियान की निगरानी और सहायता का दावा कर रहे हैं।nnशक्ति नगर कॉलोनी की निवासी विंध्यवासिनी राय ने बताया कि उनके घर में पांच मतदाता हैं, लेकिन केवल एक का ही गणना प्रपत्र पहुंचा। इसी तरह, बेतियाहाता के राजेश सिंह को यह स्पष्ट नहीं है कि यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं है और उसके संबंधी भी जीवित नहीं हैं, तो वे आवेदन पत्र में क्या भरें। चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चकदेईया में रामविश्वास पासवान ने छह सदस्यों के लिए केवल पांच प्रपत्र मिलने की शिकायत की और 2003 की सूची की जानकारी न होने की बात कही। कई गांव के लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से भी अनभिज्ञ हैं।nnउरुवा की ग्राम पंचायत बारीपुर के दिलीप ने बताया कि उनके घर में सात मतदाता हैं, पर सिर्फ एक का ही प्रपत्र मिला है, और अशिक्षित होने के कारण उन्हें प्रपत्र भरने में कठिनाई हो रही है। रहदौली निवासी राजेश मौर्या ने भी गणना प्रपत्र में पूछे गए सवालों के जवाब न मिल पाने की समस्या बताई।nnअभियान के तहत चार नवंबर से चार दिसंबर तक गणना प्रपत्र वितरण का कार्य चलेगा। इस दौरान किसी से भी कोई प्रमाण पत्र या पहचान पत्र नहीं मांगा जाएगा। जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं, वे नौ दिसंबर से आठ जनवरी के बीच बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन स्वयं आयोग द्वारा जारी 13 पहचान पत्रों में से कोई एक जमा करा सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निगरानी और कार्रवाई का आश्वासन दिया है और लोगों को ऑनलाइन जानकारी देखने की सलाह दी है।”
सलाह दी है।
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