मतदाता सूची में दो पत्नियों के नाम को लेकर सौतनों में छिड़ी जंग, बीएलओ परेशान
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहाँ एक व्यक्ति की दो पत्नियों के बीच गणना फार्म में अपना नाम शामिल कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला डोमकल के चोआपाड़ा इलाके का है, जहाँ सुकुर मंडल नामक व्यक्ति की दो पत्नियाँ, ममता बीबी और मरजीना बीबी हैं।
एसआईआर के तहत गणना फार्म जमा करते समय, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) नजमुन्नेसां खातून को उस समय अजीब दुविधा का सामना करना पड़ा जब दोनों पत्नियों ने जोर देकर कहा कि गणना फार्म में ‘पत्नी’ के नाम के स्थान पर उनका नाम लिखा जाए। हालांकि, नियमानुसार एक फार्म में केवल एक ही नाम दर्ज किया जा सकता है, जिससे स्थिति जटिल हो गई।
सूत्रों के अनुसार, पति सुकुर मंडल फिलहाल काम के सिलसिले में केरल में हैं। जब उनसे इस बारे में फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि किसी एक पत्नी का नाम फार्म में लिखा गया तो दूसरी नाराज हो जाएगी, जो वे किसी भी सूरत में नहीं चाहते। उन्होंने मांग की है कि या तो दोनों पत्नियों के नाम शामिल किए जाएं या फिर फार्म से ‘पत्नी’ का कॉलम ही हटा दिया जाए।
इस अभूतपूर्व स्थिति से बीएलओ नजमुन्नेसां खातून बेहद परेशान हैं और उन्होंने मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण अधिकारी भी कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ हैं।
डोमकल के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पार्थसारथी मंडल ने स्वीकार किया है कि यह एक जायज सवाल है, लेकिन उनके पास भी इसका कोई तत्काल समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला एसआईआर अभियान के दौरान सामने आने वाली अप्रत्याशित चुनौतियों को उजागर करता है, जहाँ व्यक्तिगत संबंध प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ टकराव में आ जाते हैं।
