मशरक में अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन ने कसी कमर
सारण जिले के मशरक नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों के हाट-बाजारों में अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। सड़कों पर अवैध कब्जे के कारण आए दिन जाम लगा रहता है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मशरक के बाजार क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी जा रही है। स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) सुमंत कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने सड़क पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया है, उन्हें तत्काल उसे हटाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगा और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सड़क किनारे के दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के आगे सफेद पट्टी के बाहर तक दुकानें सजाने या सड़क तक निर्माण करने से रास्ता संकीर्ण हो गया है। थाना रोड से लेकर मां सिद्धिदात्री मंदिर चौक, महावीर मंदिर चौक, छपरा रोड, ब्लॉक के पास, स्टेशन रोड, मलमलिया रोड, यदु मोड़ और तरैया रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की स्थिति सबसे गंभीर है। लंबे समय से स्थानीय पदाधिकारी इस ओर से अनदेखी करते रहे हैं, जिसके कारण समस्या और भी बढ़ गई है।
अतिक्रमणकारियों ने फुटपाथ की जमीन पर सीढ़ियां, करकट शेड और मिट्टी भरकर अवैध कब्जे कर लिए हैं, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए भी चलना दूभर हो गया है। हाल ही में छपरा शहर में भी नगर निगम प्रशासन ने इसी तरह का अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, जिसमें नगर थाना चौक से मौलाना मजहरुल हक चौक तक बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर ने सड़कों और नालों पर बने रैंप, पक्के चबूतरे और अस्थायी ढांचों को हटाया था। मशरक में भी इसी तर्ज पर कार्रवाई की उम्मीद है, जिससे बाजारों में सुगम यातायात बहाल हो सके।
