अमरोहा में बरात में घुसा खूंखार कुत्ता, 10 लोग घायल, बच्चों पर भी हमला
अमरोहा के गजरौला क्षेत्र में सोमवार शाम को एक बरात चढ़त के दौरान एक आवारा कुत्ते ने जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में दो बच्चों सहित कुल 10 लोग घायल हो गए, जिससे बरात में अफरातफरी मच गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो बच्चों, मयंक (छह वर्षीय) और रोहित (15 वर्षीय), को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
घटना भीकनपुर शुमाली गांव की है, जहाँ लखमीचंद की पुत्री की बरात शेरपुर गांव से आई थी। दोपहर बाद जब बरात चढ़ रही थी और लोग उसका आनंद ले रहे थे, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां आ धमका और लोगों पर हमलावर हो गया। कुत्ते ने कई लोगों को काट लिया, जिनमें छह वर्षीय मयंक, 15 वर्षीय रोहित, तीन वर्षीय गोलू, पूर्व प्रधान के भाई कमल सिंह, राशन डीलर कुलदीप, रवि और चार अन्य बराती शामिल हैं। इस अचानक हुए हमले से बरात में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत फैल गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने मिलकर आवारा कुत्ते को पकड़ने का प्रयास किया। उन्होंने जंगल की ओर भाग रहे कुत्ते का काफी देर तक पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो एक गंभीर समस्या बन चुकी है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए आवारा कुत्तों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ने की मांग की है।
यह पहली बार नहीं है जब गजरौला क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने इस तरह का आतंक मचाया हो। सूत्रों के अनुसार, लगभग पंद्रह दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक दिन में करीब 70 लोगों पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में आवारा पशुओं के बढ़ते आतंक और प्रशासन की निष्क्रियता की ओर इशारा किया है। दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों में भी पिटबुल जैसे खतरनाक कुत्तों के हमलों की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं, जबकि कुछ शहरों में ऐसे नस्ल के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। गया जैसे शहरों में भी कुत्तों के काटने के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जहां हर दिन सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
