मोक्षदा एकादशी 2025: तुलसी के उपाय से घर में लाएं सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी का वास
मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। यह पावन दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को भगवद गीता का ज्ञान दिया था, जिसके महत्व को आज भी संसार मानता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष एकादशी पर तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ सरल और प्रभावी उपाय करने से भगवान विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है। इन उपायों को अपनाने से घर में स्थायी सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है।
मोक्षदा एकादशी के शुभ अवसर पर, भक्त सुबह स्नान आदि से निवृत होकर तुलसी के पौधे में जल या गाय का कच्चा दूध अर्पित कर सकते हैं। इसके पश्चात, तुलसी की सात बार परिक्रमा करते हुए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से जीवन की आर्थिक तंगी दूर होती है और शुभता का संचार होता है।
भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के इच्छुक भक्त मोक्षदा एकादशी की तिथि पर तुलसी की माला का प्रयोग करके भगवान विष्णु के नामों या उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं। यह उपाय जीवन के सभी दुखों और संकटों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है और व्यक्ति के भाग्य को प्रबल बनाता है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का एक और प्रभावी तरीका है कि उन्हें केसर की खीर का भोग लगाया जाए। इस भोग में तुलसी दल को अवश्य शामिल करें, क्योंकि तुलसी दल के बिना भगवान विष्णु की पूजा को अधूरा माना जाता है। कहा जाता है कि इस उपाय से श्री हरि की कृपा प्राप्त होती है और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।
इसके अतिरिक्त, सूर्यास्त के पश्चात तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना भी अत्यंत फलदायी होता है। इस समय तुलसी के पौधे की 11 बार परिक्रमा करने से साधक के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह एकादशी का दिन आध्यात्मिक उन्नति और भौतिक सुखों की प्राप्ति दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें तुलसी का योगदान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
