हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे माओवादी: गरियाबंद में 5-5 लाख के इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस को माओवादी संगठन के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। दो प्रमुख एरिया कमेटी मेंबरों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन दोनों माओवादियों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। संतोष उर्फ लाल पवन और मंजू उर्फ नंदे ने पुलिस की मानवीय पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों माओवादी पिछले 20 से 23 वर्षों से संगठन में सक्रिय थे और कई गंभीर हिंसक घटनाओं में शामिल रहे। इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों की शहादत भी शामिल है। आत्मसमर्पण के बाद संतोष और मंजू ने अपने साथियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन आत्मसमर्पित माओवादियों को नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे एक सामान्य जीवन जी सकें। इस वर्ष 2025 में गरियाबंद जिले में अब तक 20 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
