मोहाली हाईवे उद्घाटन पर किसानों का विरोध, लाइट-पेड़ के बिना विरोध की चेतावनी
मोहाली में भारतमाला परियोजना के तहत आईटी सिटी से कुराली तक निर्माणाधीन हाईवे के उद्घाटन को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी दो प्रमुख मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे 1 दिसंबर को होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम का जोरदार विरोध करेंगे।
किसान यूनियन के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, सर्विस रोडों पर स्ट्रीट लाइटों का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल बड़े क्रॉसिंग और पुलों पर ही लाइटें लगाई गई हैं, जबकि गांवों को जोड़ने वाली छोटी लिंक रोडों और सर्विस रोडों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उनका कहना है कि इन अंधेरे स्थानों पर रात के समय असामाजिक तत्वों द्वारा लूटपाट और नशे के अड्डों के रूप में इस्तेमाल होने का खतरा है। इस संबंध में जिला प्रशासन और एनएचएआई को पहले ही मांग-पत्र सौंपकर आगाह किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
किसानों की दूसरी महत्वपूर्ण मांग पर्यावरण से जुड़ी है। उनका कहना है कि हाईवे के खुलते ही हजारों वाहनों से निकलने वाला धुआं आसपास के इलाकों में गंभीर प्रदूषण फैलाएगा। इस प्रदूषण को रोकने के लिए सड़क के किनारे पेड़-पौधे लगाने का कोई पुख्ता इंतजाम अब तक नहीं किया गया है। सर्विस रोडों के किनारे हरियाली का पूरी तरह अभाव है, जो पर्यावरण के लिए चिंताजनक है।
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि एनएचएआई किसानों की जायज मांगों को अनसुना कर रहा है और अधूरे काम के साथ ही उद्घाटन की तैयारी में है। उन्होंने कहा, “अगर 1 दिसंबर से पहले सर्विस रोडों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गईं और पेड़ लगाने का ठोस प्लान नहीं बनाया गया तो हम उद्घाटन नहीं होने देंगे। किसान सड़क पर उतरेंगे और जोरदार विरोध करेंगे।”
किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और एनएचएआई को लिखित में अपनी सभी मांगें सौंपी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। यदि जरूरत पड़ी तो पूरे पंजाब से किसान जुटेंगे और उद्घाटन स्थल पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन न केवल स्थानीय निवासियों की सुरक्षा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग कर रहा है।
