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मंडी में जलभराव से निजात: 4.4 करोड़ की वाटर रिजर्वायर सिस्टम को मिली हरी झंडी

By Nov 21, 2025

मंडी समिति में किसानों और आढ़तियों के लिए वर्षों से सिरदर्द बनी जलभराव की समस्या का समाधान अब शासन स्तर पर पहुंच गया है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए तैयार की गई लगभग 4.4 करोड़ रुपये की लागत वाली वाटर रिजर्वायर सिस्टम की परियोजना का स्टीमेट संबंधित अभियंताओं द्वारा शासन को भेज दिया गया है। यह कदम जिला अधिकारी (डीएम) सीपी सिंह के कड़े निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिन्होंने मंडी में जल निकासी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के आदेश दिए थे।

ज्ञात हो कि मंडी परिसर में सामान्य बारिश से भी हालात जलमग्न हो जाते हैं, जिससे किसानों और आढ़तियों को अपनी उपज के भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष मानसून के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया था, जिसके परिणामस्वरूप धान और बाजरे की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इस बार की भारी बारिश ने मंडी में बार-बार जलभराव की स्थिति पैदा की, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

मंडी परिषद के अभियंताओं ने जल निगम से पर्यवेक्षण कराने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत स्टीमेट तैयार किया और हाल ही में इसे शासन को प्रेषित किया है। सूत्रों के अनुसार, मंडी परिषद से स्वीकृति मिलते ही इस परियोजना पर कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। यदि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से संपन्न होती है, तो यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी मानसून सत्र तक मंडी परिसर को जलभराव की समस्या से पूर्णतः निजात मिल जाएगी। इससे किसानों और आढ़तियों को भविष्य में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।

मंडी परिषद के अवर अभियंता पवन कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जल निगम द्वारा परियोजना का पर्यवेक्षण पूर्ण कर लिया गया है और स्टीमेट को आगे की कार्यवाही के लिए मंडी परिषद के मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि परिषद से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा और संभवतः इसे अगले मानसून से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से मंडी परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।

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