मंडी में भालू का कहर: भेड़पालक पर जानलेवा हमला, कुत्तों ने बचाई जान
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ऋषि पराशर घाटी के जंगल में एक भालू ने एक भेड़पालक पर उस समय हमला कर दिया जब वह अपनी भेड़ों को चराने के लिए जंगल गए थे। इस हमले में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका चेहरा बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया है।nnसूत्रों के अनुसार, पीड़ित की पहचान शूरन निवासी अमर चंद के रूप में हुई है। हमला इतना भयानक था कि भालू ने अमर चंद के चेहरे को बुरी तरह नोच डाला। उनका जबड़ा और नाक बुरी तरह नष्ट हो गए, और आंखें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। अपनी जान बचाने के लिए, घायल अमर चंद लगभग 500 मीटर तक सड़क पर भागते हुए मदद की तलाश में पहुंचे।nnजैसे ही उनके परिजनों को घटना की सूचना मिली, वे तुरंत 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें मंडी जोनल अस्पताल ले गए। वहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया है।nnयह घटना तब हुई जब अमर चंद सेगली पंचायत के रहने वाले थे और अपनी भेड़ों के साथ जंगल में थे। दोपहर के समय अचानक एक भालू ने उन पर हमला बोल दिया। इस खौफनाक पल में, उनके साथ मौजूद पालतू कुत्तों ने बहादुरी दिखाते हुए भालू पर हमला कर दिया, जिससे जंगली जानवर डरकर भाग गया और अमर चंद की जान बच सकी।nnजो Considering the gravity of the situation, the medical team at Zonal Hospital Mandi has taken all necessary steps to stabilize him. The Medical Superintendent, Dr. Dinesh Thakur, stated that after initial treatment, Amar Chand has been referred to AIIMS Bilaspur for further specialized care, including facial surgery. The incident highlights the increasing human-wildlife conflict in the region and the need for increased vigilance among people venturing into forest areas.nnयह घटना जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक का एक और उदाहरण है, खासकर पहाड़ी और जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए। इस तरह के हमले लोगों के जीवन को खतरे में डालते हैं और वन विभाग के लिए भी एक चुनौती पेश करते हैं कि वे मानव बस्तियों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने के उपाय कैसे करें। क्षेत्र के लोगों से जंगल में जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।”
है।
