मीरजापुर में श्री विंध्य पंडा समाज ने अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई, सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर में माँ विंध्यवासिनी मंदिर परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों पर श्री विंध्य पंडा समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी और मंत्री भानू पाठक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मंदिर क्षेत्र में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया गया है और उन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में श्री विंध्य पंडा समाज ने चिंता व्यक्त की है कि कुछ बाहरी लोग फर्जी तीर्थपुरोहित बनकर श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं। लाल-पीला कपड़ा पहनकर भोले-भाले श्रद्धालुओं से धन उगाही की जा रही है, जिससे न केवल मंदिर की गरिमा धूमिल हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। समाज ने ऐसे फर्जी पुरोहितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधि मंडल ने मंदिर क्षेत्र में मनमाने ढंग से टीका लगाने, भिक्षाटन करने और बाहरी व्यक्तियों द्वारा श्रद्धालुओं को भ्रमित कर आर्थिक लाभ उठाने की गतिविधियों पर भी अविलंब रोक लगाने की मांग की है। समाज का कहना है कि ये सभी गतिविधियाँ मंदिर की पवित्रता और मर्यादा के विपरीत हैं और इन्हें नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता है।
समाज ने प्रशासन से मंदिर व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने और श्री विंध्य पंडा समाज के चुनाव जल्द से जल्द संपन्न कराने का भी अनुरोध किया है। प्रतिनिधि मंडल ने इस बात पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इससे श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।
श्री विंध्य पंडा समाज ने प्रशासन से अपील की है कि वह मंदिर क्षेत्र में हो रही इन अनियमितताओं को गंभीरता से ले और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व मंदिर की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए। समाज का यह प्रयास श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने और माँ विंध्यवासिनी के पावन धाम की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
