महोबा के 42 लोग बनेंगे अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण के साक्षी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 नवंबर को अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के मुख्य शिखर पर एक विशेष ध्वजा फहराएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश भर से गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ आमजन भी इस पावन कार्य के गवाह बनेंगे। इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से 42 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा आयोजित इस यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह दल 24 नवंबर को महोबा से अयोध्या के लिए प्रस्थान करेगा। विहिप के पदाधिकारियों को इस यात्रा की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें यात्रियों के आने-जाने से लेकर उनके ठहरने तक की व्यवस्थाएं शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, हर पांच यात्रियों के समूह के लिए एक प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो उनकी देखरेख करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो।
विहिप के विभाग मंत्री और चित्रकूट धाम मंडल के प्रभारी मयंक तिवारी ने बताया कि अयोध्या में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले 42 लोगों में शहर के संत रविदास मंदिर के पुजारी, साधु-संत और अन्य प्रमुख लोग शामिल होंगे। यह यात्रा न केवल राम मंदिर निर्माण के एक महत्वपूर्ण चरण का गवाह बनेगी, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है।
इस बीच, अयोध्या में प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले में रूट डायवर्जन लागू किया गया है और भारी वाहनों के प्रवेश पर तीन दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। राम मंदिर ध्वजारोहण के बाद 26 नवंबर से रामलला के दर्शन आम जनता के लिए शुरू हो जाएंगे। ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए अतिथियों के आवास की व्यवस्था पांच अलग-अलग जोन में की गई है और परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। यह आयोजन राम मंदिर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा।
