महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने की गिरिराज महाराज की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा
हरिद्वार के प्रतिष्ठित निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ गिरिराज महाराज की परिक्रमा संपन्न की। यह धार्मिक यात्रा भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो गिरिराज पर्वत की पवित्र परिक्रमा करके पुण्य अर्जित करते हैं।
परिक्रमा मार्ग में ब्रज वसुंधरा स्थित भक्तों ने महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का जयकारों के साथ हार्दिक स्वागत किया। उनका यह स्वागत गिरिराज प्रभु के प्रति उनकी गहरी आस्था और स्वामी कैलाशानंद गिरी के प्रति सम्मान को दर्शाता है। इस दौरान, दानघाटी मंदिर के सेवायत पवन कौशिक ने विशेष रूप से स्वामी कैलाशानंद गिरी को गिरिराज महाराज का प्रसाद भेंट किया और उन्हें प्रसादी दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह सम्मान गिरिराज प्रभु के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।
पवन कौशिक ने इस अवसर पर गिरिराज महाराज के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गिरिराज प्रभु कलियुग के साक्षात देव हैं। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पर्वत को भगवान कृष्ण का प्रत्यक्ष स्वरूप माना जाता है। यह मान्यता द्वापर युग की उस पावन घटना से जुड़ी है जब भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र के क्रोध से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए इसी पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर उनकी रक्षा की थी। आज भी कलियुग में श्रद्धालु इसे भगवान का साक्षात स्वरूप मानकर पूरी श्रद्धा के साथ पूजते हैं और परिक्रमा करते हैं।
इस महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के साथ सुरेश कौशिक, राधाचरण कौशिक, सुनील कौशिक, विवेक शर्मा, मोंटी कौशिक, दिवाकर शर्मा, हरेकृष्ण चौधरी सहित अन्य भक्तगण भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गिरिराज महाराज की महिमा का गान किया और भक्तिभाव में लीन रहे।
