अमेठी में अतिक्रमण का कहर: फुटपाथ गायब, शहर जाम की चपेट में
अमेठी शहर में अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है, जिसके चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जिम्मेदारों की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक, दुकानदारों ने फुटपाथों पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है, जिससे पैदल चलने वालों के लिए जगह तक नहीं बची है।nnअतिक्रमण का आलम यह है कि कई स्थानों पर फुटपाथ मानो गायब ही हो गए हैं। दुकानदार अपने सामान को सड़क तक फैलाकर बेच रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरीगंज-सुलतानपुर मार्ग पर हनुमान तिराहा से मुसाफिरखाना मोड़ तक कई जगहों पर दुकानें सड़क तक सजी रहती हैं। इसके अतिरिक्त, गौरीगंज ब्लॉक गेट के सामने हाईवे पर एक अस्थाई बस अड्डा भी संचालित होता है, जहां परिवहन निगम की बसें सवारी लेने के लिए घंटों तक आधी सड़क पर खड़ी रहती हैं। इससे भीड़ बढ़ने पर जाम लगना आम बात हो गई है।nnगौरीगंज में ओवर ब्रिज के पास लगने वाली अस्थाई सब्जी मंडी भी समस्या को बढ़ा रही है। सुबह से शाम तक सब्जी व्यापारी सड़क किनारे अपनी दुकानें लगाते हैं, जिससे दोपहर बाद भीड़ बढ़ने पर और भारी वाहनों के आवागमन के समय जाम लग जाता है। इस अव्यवस्था का सीधा असर आम जनता की परेशानी पर पड़ रहा है।nnशहर की यातायात व्यवस्था को बेतरतीब पार्किंग और भी बदतर बना रही है। लोग अपनी बाइक और कारें जहां-तहां खड़ी कर देते हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह और शाम के व्यस्ततम समय में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे शहर से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार थम जाती है।nnइस गंभीर समस्या पर स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी स्थानीय निकाय, अर्पित गुप्ता ने बताया है कि सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए यातायात पुलिस को निर्देशित किया जाएगा। साथ ही, नगर पालिका और तहसील प्रशासन की एक संयुक्त टीम गठित कर जल्द ही सड़क और फुटपाथों पर हुए अतिक्रमण को मुक्त कराया जाएगा।”
मुक्त कराया जाएगा। यह कदम शहर को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
