अमेरिका का सपना दिखाकर लीबिया में फंसाया, परिवार ने गंवाई जमीन-गहने
हरियाणा के सोनीपत जिले के मुंडलाना गांव से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना में, अमेरिका में बेहतर भविष्य का सपना देखने वाले एक युवक राहुल को ठगी का शिकार बनाया गया है। उसे पढ़ाई के लिए अमेरिका भेजने के वादे के तहत 58.50 लाख रुपये की ठगी की गई, लेकिन हकीकत में उसे दुबई और लीबिया में बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। इस मामले में राहुल के चाचा देवेंद्र की शिकायत पर करनाल के सदर थाने में सिद्धपुर गांव के अरुण, वेदप्रकाश, बलवंत, सुलेखा, रेनू, आशा, बुटानी गांव के अमित और अलेवा खांडा गांव के अमित मास्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
देवेंद्र ने बताया कि वे अपने भतीजे राहुल को अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए भेजना चाहते थे। इसी सिलसिले में उन्होंने अपने एक परिचित रोशन से संपर्क किया, जिसने उन्हें अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद, रोशन उन्हें एजेंटों वेदप्रकाश, बलवंत और अमित के पास ले गया। वेदप्रकाश ने दुबई में अपने बेटे अरुण से राहुल की मुलाकात कराई और तीन-चार महीने में अमेरिका भेजने का दावा किया। इस डील के लिए 51 लाख रुपये तय हुए।
राहुल को दिल्ली ले जाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए। 15 दिसंबर 2023 को, वेदप्रकाश, बलवंत, अमित और रोशन ने मुंडलाना गांव आकर राहुल के परिवार से 10 लाख रुपये नकद लिए। इसके बाद, उन्होंने राहुल को दिल्ली से बैंकॉक का एक नकली टिकट भेजा, और फिर एक और टिकट बुक किया। ठगी के इस सिलसिले में, आरोपी बार-बार बहाने बनाकर राहुल से पैसे ऐंठते रहे। राहुल कुछ समय बैंकॉक में रहा, और फिर मार्च 2024 में उसे दुबई भेजा गया। दुबई से उसे जमैका भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे वहां प्रवेश नहीं मिला और उसे वापस दुबई भेज दिया गया।
आरोपियों ने राहुल का पासपोर्ट छीन लिया और उसे दुबई में खाना देना भी बंद कर दिया। इस दौरान, उन्होंने परिवार से और पैसों की मांग की। जुलाई 2024 में, राहुल को दुबई से लीबिया भेज दिया गया। लीबिया पहुंचते ही उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया। तीन-चार दिन बाद, आरोपियों ने उससे और पैसे मांगे, उसे पीटा और खाना देना बंद कर दिया। उसका फोन भी छीन लिया गया। इसी बीच, अरुण ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजकर राहुल को जान से मारने की धमकी दी, यदि उसने पैसे नहीं दिए या वापस आने की कोशिश की तो उसे वापस लीबिया भेज दिया जाएगा। राहुल के परिवार ने आरोपियों के कहने पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए और नकद भी दिए। राहुल का पासपोर्ट आरोपियों के पास ही रहा।
आखिरकार, 13 अक्टूबर 2024 को राहुल को लीबिया से भारत वापस लाया जा सका। इसके बाद कई बार पंचायतें हुईं, लेकिन आरोपियों ने पैसे वापस करने से साफ इनकार कर दिया। हताश देवेंद्र ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। देवेंद्र ने बताया कि उनकी उम्मीद थी कि राहुल विदेश जाकर अच्छी पढ़ाई करेगा और परिवार की गरीबी दूर करेगा। राहुल को विदेश भेजने के लिए उन्होंने अपनी और अपने चचेरे भाई की जमीन पर लोन लिया, गहने और खेती के सामान पर भी कर्ज लिया और रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए। आरोपियों की इस धोखाधड़ी ने उनके परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
