मधुबनी में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, नगर निगम ने कसी कमर
मधुबनी नगर निगम ने शहर में अवैध कब्जों को हटाने के लिए कमर कस ली है। नए नगर आयुक्त के पदस्थापन के बाद से निगम की बड़े पैमाने पर अचल संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। निगम प्रशासन ने इस दिशा में पहल करते हुए अतिक्रमित जमीनों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
निगम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में निगम की बेशकीमती जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए एक विस्तृत सूची बनाई जा रही है। इसके साथ ही, जमीन से संबंधित अभिलेखों और फाइलों की खोजबीन भी तेज कर दी गई है। जानकारों का मानना है कि शहर में निगम की 310 नंबर वाली जमीन सहित कई भूखंडों से संबंधित फाइलें निगम कार्यालय में नहीं मिल रही हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए निगम प्रशासन अंचल कार्यालय, राजस्व कर्मियों, मालगुजारी रशीद, नया व पुराना खतियान और अमीन (भूमि सर्वेक्षक) का सहयोग ले रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में निगम की अतिक्रमित जमीन पर बने घरों और भवनों पर बुलडोजर चलना तय है।
शहर के विभिन्न हिस्सों में निगम की जमीन पर अवैध कब्जा, फर्जी तरीके से किराया पर देना या उसकी बिक्री करने की शिकायतें वर्षों से मिल रही थीं। इन शिकायतों के पीछे भू-माफियाओं और बिचौलियों के सक्रिय होने की बात सामने आ रही थी, जो इस अवैध धंधे से मालामाल हो रहे थे।
यह उल्लेखनीय है कि निगम (तत्कालीन नगर परिषद) के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी मुमुक्षु कुमार द्वारा वर्ष 2012 में तत्कालीन जिलाधिकारी को निगम की अचल संपत्ति की एक सूची सौंपी गई थी। इस सूची के अनुसार, निगम की कुल 33 बीघा 18 कट्टा 14 धुर 33 धुरकी जमीन को चिन्हित किया गया था। डीएम को सौंपी गई उस सूची के अनुसार, निगम की लगभग 10 बीघा जमीन भू-माफियाओं के कब्जे में चली गई थी। अब नए सिरे से की जा रही इस कार्रवाई से निगम की खोई हुई जमीन वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
