वृंदावन में कृष्ण लीला रासोत्सव के दौरान भक्त काले खां की पुकार पर प्रकट हुए मदन मोहन (Krishna Leela)
वृंदावन में चल रहे श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के नौवें दिन भक्त काले खां और मदन मोहन की हृदयस्पर्शी लीला का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस मार्मिक प्रसंग ने दर्शाया कि सच्ची भक्ति और अटूट विश्वास किसी भी बाधा से परे होता है और भगवान स्वयं अपने भक्तों की पुकार पर प्रकट होते हैं। यह आयोजन श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा किया जा रहा है।
लीला में दिखाया गया कि कैसे काले खां, एक भिन्न पंथ से संबंध रखने के बावजूद, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध प्रेम और निष्कपट श्रद्धा रखते थे। समाज के विरोध और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, उनका विश्वास कभी नहीं डिगा। वे प्रतिदिन प्रभु का नाम जपते थे और उनके दर्शन की तीव्र अभिलाषा रखते थे। उनकी इसी अटूट भक्ति की पुकार पर, भगवान मदन मोहन स्वयं प्रकट हुए और अपने भक्त की रक्षा की। कलाकारों के सजीव अभिनय, भावपूर्ण संवाद और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को ब्रज की भक्तिमयता से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर स्वामी लक्ष्मण महाराज और स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने अपने आशीर्वचन दिए। उन्होंने कहा कि काले खां और मदन मोहन जी की यह लीला मानवता, सद्भाव और निष्कपट भक्ति का एक अनूठा उदाहरण है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जहां सच्चा प्रेम और अटूट विश्वास होता है, वहां भगवान स्वयं अपने भक्त की रक्षा के लिए आते हैं। इस संदेश ने दर्शकों को गहरी प्रेरणा दी और उन्हें भक्ति मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह और मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल ने आरती उतारी। इस दौरान ओम प्रकाश अग्रवाल, महावीर मंगल, शैलेंद्र अग्रवाल, नरेश चंद्र, जय प्रकाश अग्रवाल, शंभू नाथ, राज कुमार, सत्य प्रकाश, विक्रांत गोयल, गोपाल गोयल और राकेश अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन भक्ति और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
