0

एमडीडीए के नोटिस से देहरादून की बस्तियों में हड़कंप, बुलडोजर का खतरा मंडराया

By Nov 28, 2025

देहरादून में एमडीडीए (मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा तरला नागल और ढाकपट्टी बस्तियों में अवैध निर्माणों को हटाने के नोटिस के बाद स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है। इन बस्तियों के हजारों परिवार बेघर होने के डर से सहमे हुए हैं। इस चिंता के चलते बुधवार को बड़ी संख्या में बस्तीवासी विपक्षी दलों के नेताओं के नेतृत्व में नगर निगम पहुंचे और महापौर सौरभ थपलियाल से मदद की गुहार लगाई।

नगर निगम परिसर में हंगामा करते हुए बस्तीवासियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनके घरों को उजाड़ा जा रहा है। काफी देर चले हंगामे के बाद, बस्तीवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल महापौर से मिला। उन्होंने एमडीडीए का नोटिस दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। इस पर महापौर सौरभ थपलियाल स्वयं अपने कक्ष से बाहर आकर बस्तीवासियों के बीच पहुंचे और उन्होंने इस गंभीर मामले पर एमडीडीए के अधिकारियों तथा शहरी विकास मंत्री के साथ वार्ता कर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया। महापौर के आश्वासन के बाद बस्तीवासी शांत होकर लौट गए।

यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। रिस्पना नदी के अधिसूचित बाढ़ परिक्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एमडीडीए ने इन बस्तियों के निवासियों को औपचारिक नोटिस जारी कर अवैध निर्माणों की पहचान, सत्यापन और पुनर्वास से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी दी है।

उच्चतम न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया था कि रिस्पना नदी के किनारे बाढ़ परिक्षेत्र में किए गए किसी भी नियम-विरुद्ध निर्माण को तुरंत हटाया जाना अनिवार्य है। इस आदेश के अनुपालन के लिए जिलाधिकारी देहरादून ने नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर, सचिव एमडीडीए, उप जिलाधिकारी सदर और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शामिल हैं।

इस समिति को प्रभावित परिवारों के सर्वे, उनकी पात्रता निर्धारण और पुनर्वास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम, राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों ने विद्युत बिल, गैस कनेक्शन और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर निवासियों की पात्रता का सत्यापन किया। सर्वे में पाया गया कि कुछ परिवार 11 मार्च 2016 से पूर्व से यहां रह रहे हैं और उनके निर्माण शासनादेश के अनुसार एमडीडीए को हस्तांतरित भूमि पर बने हैं। ऐसे पात्र परिवारों को काठबंगला में नगर निगम द्वारा निर्मित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पुनर्वासित करने की योजना है। हालांकि, अदालत के आदेशों के अनुसार, जिन निर्माणों को अवैध पाया जाएगा, उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा।

About Amit Sagar

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

भारत का भविष्य तकनीक, नवाचार और युवा ऊर्जा में: डॉ. सोमनाथ

देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए एक सशक्त भारत के निर्माण...
By Nov 28, 2025

उत्तराखंड डीएलएड प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी, 4 दिसंबर तक दर्ज कराएं आपत्तियां

उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक के पद के लिए आयोजित की जाने वाली द्विवर्षीय डिप्लोमा इन एलीमैंटरी एजूकेशन (डीएलएड) प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी हो गई है। यह परीक्षा राज्य में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक नहीं, पुराने खराब मीटरों को मिलेगी प्राथमिकता

देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने पर कोई रोक नहीं है। इसके बजाय,...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

समूह ‘ग’ भर्ती: 765 पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन 1 दिसंबर से शुरू

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने विभिन्न सरकारी विभागों में समूह 'ग' के अंतर्गत आने वाले लगभग 765 रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने सफल अभ्यर्थियों...
By Nov 28, 2025

उत्तराखंड में बिजली की मांग और आपूर्ति बराबर, औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति

देहरादून: उत्तराखंड में बिजली की उपलब्धता और मांग के बीच का अंतर समाप्त हो गया है, जिससे राज्य में बिजली की आपूर्ति की स्थिति काफी हद तक संतुलित हो गई है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार,...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

देहरादून की मलिन बस्तियों पर गिरी ध्वस्तीकरण की तलवार, हजारों परिवार अनिश्चित भविष्य के साये में

देहरादून की मलिन बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार इस समय ध्वस्तीकरण के डर के साये में जी रहे हैं। हाईकोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त आदेशों के बाद प्रशासन अब इन बस्तियों...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

उत्तराखंड कैबिनेट का जनता को तोहफा: तीन बड़े फैसले, जनहित में लिए गए निर्णय

उत्तराखंड सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में तीन बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिन पर मुहर लग गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

दून में फर्जी दस्तावेजों का जाल: जिम्मेदार बेखबर, बांग्लादेशी धड़ल्ले से सक्रिय

देहरादून राजधानी में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला एक गिरोह सक्रिय हो गया है। पिछले कुछ समय से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के कई मामले सामने आ...
By Amit Sagar Nov 28, 2025

साझा करें