एमबीबीएस सीट आवंटन: जम्मू बंद अंतिम विकल्प, व्यापारी तैयार
जम्मू में एमबीबीएस सीटों के आवंटन को लेकर चल रहे विवाद के बीच, स्थानीय व्यापारी वर्ग ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि जम्मू बंद को अंतिम विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन इससे पहले मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी रास्ते तलाशे जाएंगे। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के साथ जुड़े 60 से अधिक संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जम्मू के सम्मान और हितों की आवाज को बुलंद करने में वे पीछे नहीं हटेंगे।nnव्यापारी नेताओं के अनुसार, सरकार को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के संविधान में संशोधन कर इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजना चाहिए। उनका तर्क है कि श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यहां सनातन धर्म का पूरा आदर-सम्मान होना चाहिए। यदि मेडिकल कालेज में दाखिल हुए मुस्लिम छात्रों को किसी अन्य कॉलेज में स्थानांतरित भी कर दिया जाता है, तो यह समस्या का स्थायी हल नहीं होगा।nnचैंबर ऑफ ट्रेडर्स फेडरेशन के प्रधान नीरज आनंद ने कहा कि बंद किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से आगे आकर इस मुद्दे पर चर्चा करने और लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया। वहीं, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन राहुल सहाय ने कहा कि बंद से सबका नुकसान होता है। उन्होंने आस्था और मेरिट के बीच संतुलन कायम रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इस मुद्दे के हल के लिए विस्तार से चर्चा और हर विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए।nnयह आंदोलन सरकार पर दबाव बनाने की एक रणनीति है, ताकि योग्यता के आधार पर एमबीबीएस सीटों का आवंटन सुनिश्चित किया जा सके। जिला स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं और व्यापारी वर्ग इस मुद्दे पर अपनी एकता और दृढ़ता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है।
