मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2025: गणेश जी की कृपा पाने के अचूक उपाय
हर माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी का व्रत 24 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन को कृच्छ्र चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस पावन दिन पर व्रत और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता और सिद्धि की प्राप्ति होती है।
गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। पूजा के दौरान भगवान गणेश को मोदक के अलावा केले, मौसमी फल, बेसन के लड्डू, खीर और मीठा पूरन पोली जैसे विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जा सकते हैं। यह भोग गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं और इन्हें अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं तथा साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
इसके साथ ही, गणेश जी को दूर्वा, सिंदूर, लाल फूल (विशेषकर कमल), जनेऊ और सुपारी चढ़ाना भी बहुत शुभ माना जाता है। इन पवित्र वस्तुओं को अर्पित करने से विघ्नहर्ता श्रीगणेशजी प्रसन्न होते हैं और साधक के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व है। विनायक चतुर्थी के दिन पूजा के दौरान गणेश जी को 21 दूर्वा अवश्य अर्पित करनी चाहिए। दूर्वा को अर्पित करने से पहले उन्हें साफ पानी से धो लें और फिर एक साथ बांध लें। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करते समय ‘श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि’ मंत्र का जाप लगातार करते रहें। ऐसा माना जाता है कि इस विधि से विघ्नहर्ता गणेश जी प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी कष्टों और बाधाओं को दूर करते हैं।
विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी के मंत्रों का जप करना भी उनकी कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत प्रभावी उपाय है। पूजा के दौरान इन मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जप करने से साधक को विशेष लाभ प्राप्त होता है। इन उपायों को अपनाकर भक्तगण मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी के शुभ अवसर पर विघ्नहर्ता गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सफलताओं से भर सकते हैं।
