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मार्गशीर्ष मेला की सुरक्षा कड़ी: आठ सेक्टर में बंटेगा मेला परिसर, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

By Nov 18, 2025

तीर्थ नगरी सोरों में 29 नवंबर से शुरू होने वाले भव्य मार्गशीर्ष मेला के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व बनाने की तैयारी है। मेला परिसर को आठ अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा, जिससे हर क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें। मेला परिसर, हरिपदी गंगा के किनारे और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।

मेला परिसर में ऊंचे वॉच टावर और एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से मेला में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिगत, मेला के दौरान चार फायर टेंडर हर समय स्टैंडबाय पर रहेंगे, ताकि आगजनी जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

मंगलवार को मेला परिसर का दौरा करते हुए, जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुरक्षा के संबंध में किए जा रहे इंतजामों को परखा। कासगंज के उपजिलाधिकारी संजीव कुमार और नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे के साथ हुई चर्चा में, हरिपदी गंगा किनारे घाटों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से, नागा साधुओं और संतों के ठहरने की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती के आदेश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेला परिसर के कोतवाली में एक विशेष सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। मेले को आठ सेक्टरों में बांटकर पर्याप्त पुलिस बल और पीएसी के जवानों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए चार अलग-अलग स्थानों का चयन किया गया है, ताकि यातायात सुचारू बना रहे। यातायात पुलिस यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए तैनात रहेगी।

मेला और घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। घाटों और मेला परिसर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साधु-संतों के ठहरने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और मेला क्षेत्र में हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी पर्याप्त रोशनी रहे। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के मद्देनजर चिकित्सा शिविर भी स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन और नगर पालिका मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिलें।

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