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मार्गशीर्ष अमावस्या आज: शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान, पितरों को मिलेगी शांति

By Nov 20, 2025

हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष अमावस्या का विशेष महत्व है, जिसे अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और पितरों की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, पितरों को शांति मिलती है और सभी पापों का नाश होता है।

इस वर्ष मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर को मनाई जा रही है। यह अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह मार्गशीर्ष माह में आती है, जिसे भगवान कृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। इस दिन किए गए स्नान-दान और पितृ तर्पण से विशेष फल प्राप्त होते हैं।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 53 मिनट से 05 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 02 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, जबकि गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। इन शुभ मुहूर्तों के दौरान भक्त स्नान-दान कर सकते हैं, जिससे उन्हें कई गुना अधिक फल प्राप्त होने की मान्यता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने से उन्हें शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि अमावस्या पर किए गए दान से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

इस अवसर पर कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी फलदायी माना जाता है, जिनमें ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’, ‘ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः’, और ‘ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।।’ शामिल हैं। इन मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।

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