मां ने बेटी को डेढ़ लाख में बेचा, फर्जी दस्तावेजों से युवक को सौंपा
सिडकुल क्षेत्र से एक युवती ने अपनी मां और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि चार साल पहले, जब वह नाबालिग थी, तब उसकी मां ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे अलीगढ़ के एक युवक विशाल ठाकुर को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। यह मामला तब सामने आया जब युवती ने पुलिस को तहरीर देकर आपबीती सुनाई।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, युवती अपने माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहती थी। चार साल पहले, जब वह आठवीं कक्षा में थी, तब उसने सुभाषनगर की एक दुकान से आठवीं पास होने के दस्तावेज, पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाए थे। आरोप है कि उसकी मां ने असली पिता की जगह दस्तावेजों में किसी दूसरे व्यक्ति का नाम दर्ज करा दिया। ये कागजात तैयार होने के बाद, उसे विशाल ठाकुर, जो अलीगढ़ का रहने वाला है, को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया।
युवती का कहना है कि विशाल ठाकुर ने उसे अपनी पत्नी के रूप में करीब दो साल तक रखा। इस दौरान, उसने शराब के नशे में अवैध संबंध बनाए और उसके साथ मारपीट भी की। किसी तरह चंगुल से छूटकर युवती हरिद्वार वापस आ गई, लेकिन उसकी मां ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
बाद में, उन्हीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर युवती को सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी पर लगवा दिया गया। वहां काम करने वाले एक युवक ने उसकी मदद की और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। युवती का आरोप है कि उसकी मां, कथित पिता और विशाल ठाकुर ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मानव तस्करी और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
