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मालदा के आदिनाथ मंदिर की सुरक्षा पर राज्यसभा में उठी मांग, ऐतिहासिक धरोहर बचाने की अपील

By Dec 5, 2025

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित प्राचीन आदिनाथ हिंदू मंदिर की सुरक्षा को लेकर राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से इस ऐतिहासिक स्थल को स्मारक घोषित करने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से इसकी गहन जांच कराने की मांग की, ताकि इसकी ऐतिहासिकता और कलाकृतियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि मंदिर में गणेश, शिवलिंग और लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित हैं, जो इसके हिंदू स्वरूप को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, “हम सरकार से आग्रह करते हैं कि मालदा के आदिनाथ मंदिर की सुरक्षा की जाए और इसे टिकट लेकर देखे जाने वाला स्मारक घोषित किया जाए।”

भट्टाचार्य ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग इस ऐतिहासिक मंदिर को मस्जिद बताने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वहां स्पष्ट रूप से हिंदू मूर्तियों के अवशेष मिले हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में सब-ए-बरात के अवसर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर पर पत्थर फेंके जाने की घटना हुई है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने इस लड़ाई को केवल राजनीतिक न बताते हुए कहा, “हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को नहीं छोड़ सकते। यह बाबर और राम के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने और सुरक्षित रखने की लड़ाई है।” भाजपा नेता ने बताया कि जितु संथाल ने मालदा के पांडुआ में इस मंदिर के पुनरुद्धार के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया था। उन्होंने 1865-1867 के दौरान मालदा के तत्कालीन कलेक्टर द्वारा विभिन्न साक्ष्यों के दस्तावेजीकरण का भी उल्लेख किया, जो इस स्थल को स्पष्ट रूप से एक हिंदू मंदिर के रूप में प्रमाणित करते हैं।

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