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माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की खराबी से दुनियाभर के एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी

By Dec 3, 2025

बुधवार की सुबह एक बड़ी तकनीकी खराबी ने दुनिया भर के हवाई अड्डों पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज से जुड़ी इस समस्या के कारण एयरपोर्ट पर चेक-इन और अन्य आईटी सेवाएं कुछ देर के लिए ठप हो गईं। इस अप्रत्याशित आउटेज ने एयरलाइंस सेवाओं को तगड़ा झटका दिया और कई उड़ानों में देरी होने से यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करने पड़े।

भारत में भी इस तकनीकी समस्या का गहरा असर देखा गया। कई एयरलाइंस को मैनुअल चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रियाओं का सहारा लेना पड़ा, जिसके चलते हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा और कई लोगों ने अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने के डर से या देरी से बचने के लिए अपने टिकट कैंसिल करा दिए।

वाराणसी एयरपोर्ट इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले हवाई अड्डों में से एक रहा। यहां एक सूचना पटल पर यात्रियों को इस खराबी की जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि ‘माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ने वैश्विक स्तर पर बड़ी सेवा रुकावटों की रिपोर्ट दी है। हवाई अड्डों पर आईटी सेवाएं/चेक इन सिस्टम प्रभावित हुए हैं।’

इस रुकावट के कारण कम से कम चार प्रमुख भारतीय एयरलाइंस—इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा एयर और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर असर पड़ा। एयरलाइंस को मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भर होना पड़ा, जिससे कई उड़ानों में देरी हुईं। उदाहरण के तौर पर, वाराणसी से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की कनेक्टिंग फ्लाइट, जो दोपहर 3:55 बजे निर्धारित थी, सवा घंटे की देरी से उड़ान भर सकी।

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी आउटेज का असर देखा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई उड़ानें देरी से चलीं और चेक-इन सिस्टम में आई गड़बड़ी ने यात्रा प्रक्रिया को बेहद परेशानी भरा बना दिया। हालांकि प्रभावित उड़ानों की सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमान है कि दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुईं। यात्रियों को सबसे अधिक असुविधा का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से उन लोगों को जिनकी आगे कनेक्टिंग फ्लाइट्स थीं। इस घटना ने हवाई यात्रा के लिए मजबूत और विश्वसनीय तकनीकी प्रणालियों की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।

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