कानपुर देहात में तेंदुए का आतंक, वन विभाग की टीम खाली हाथ, ग्रामीणों में दहशत
कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के यमुना बेल्ट के गांवों में तेंदुए की लगातार चहलकदमी से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग की टीम जंगल में डेरा डाले हुए है और तेंदुए की तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक उसे पकड़ने में सफलता हाथ नहीं लगी है। इस बीच, सोमवार शाम को गुबार गांव में तेंदुए ने एक घोड़े का शिकार कर लिया, जिससे ग्रामीणों की दहशत और बढ़ गई है।
गुबार, बिहरा, भाल, पिचौरा और दिबैर जैसे गांवों में भटककर आए तेंदुए की मौजूदगी ने भय का माहौल बना दिया है। सूचना मिलने के बाद वन कर्मियों की टीम इन गांवों से सटे जंगल में तेंदुए की तलाश कर रही है। जंगल की खाक छानने के बावजूद तेंदुआ वन कर्मियों की पकड़ से बाहर है। गुबार गांव के धनीराम के घोड़े को तेंदुए द्वारा मारे जाने की घटना के बाद, वन कर्मियों ने घोड़े के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वन रेंज अधिकारी स्वामीदीन की अगुवाई में डिप्टी रेंजर गुरुनारायण, वन दरोगा आशीष कन्नौजिया, इंद्रेश कुमार, कल्याणी मिश्रा और अन्य कर्मचारियों की टीम बीहड़ में तेंदुए की तलाश कर रही है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है। इस अनिश्चितता के कारण ग्रामीण रातभर जागने को मजबूर हैं। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि टीम जंगल में डेरा डालकर तलाश जारी रखे हुए है। कांबिंग के दौरान तेंदुए के पग मार्क नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुबार गांव के घोड़े का शिकार तेंदुए ने ही किया है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
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