एलआईसी रिफंड के नाम पर 31 लाख की ठगी, पूर्व सैनिक बने शिकार
बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र में एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहाँ भारतीय सेना के पूर्व जवान अमिताभ प्रसाद को एलआईसी रिफंड दिलाने का झांसा देकर ठगों ने 31 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। अमिताभ प्रसाद, जिन्होंने सेना में 17 वर्ष नायक (टीएस) के पद पर सेवा देने के बाद 2006 में सेवानिवृत्ति ली और फिर सीडीएस में 15 वर्ष कार्य किया, अब अपनी जीवन भर की जमापूंजी गंवाने से सदमे में हैं।
पीड़ित के अनुसार, उन्हें कुछ समय से दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आ रही थीं। कॉल करने वाले खुद को एलआईसी कार्यालय का कर्मचारी बता रहे थे और दावा कर रहे थे कि उनके नाम पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक का रिफंड स्वीकृत हुआ है। रिफंड प्राप्त करने के लिए, उन्होंने प्रोसेसिंग और अन्य शुल्कों के नाम पर अमिताभ से पैसे जमा करने के लिए कहा। ठगों ने अपना नाम विवेक चौहान बताया और यह भी कहा कि सीनियर हेड भाटिया से बात हो चुकी है और रिफंड भेजने की प्रक्रिया पूरी करनी है।
ठगों ने उन्हें धमकी भी दी कि यदि पैसा तुरंत नहीं भेजा गया तो रिफंड रोक दिया जाएगा। उनकी बातों में आकर, अमिताभ ने कुल 31,00,900 रुपये 19 अलग-अलग किश्तों में सात विभिन्न बैंक खातों में जमा कर दिए। जब रिफंड के इंतजार में पैसा फंस गया, तो उन्होंने दोबारा संपर्क किया। इस पर ठगों ने और तीन से चार लाख रुपये की मांग की, जिससे अमिताभ को शक हुआ और उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
अमिताभ प्रसाद ने बताया कि बच्चों की शादी के लिए बचाई गई यह जीवन भर की कमाई ठगी में चली गई है, जिससे वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने इस संबंध में सिकंदरपुर थाने में दो मोबाइल नंबरों और सात बैंक खातों के संचालकों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति और आम नागरिकों के लिए इसके बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है।
