मुंगेर में डिग्री कॉलेज के लिए जमीन फाइनल, 5 एकड़ में जल्द शुरू होगा निर्माण
मुंगेर के असरगंज प्रखंड में उच्च शिक्षा का सपना अब साकार होने वाला है। कॉलेज निर्माण के लिए सजुआ पंचायत के पनसाय मौजा में 5 एकड़ 52 डिसमिल भूमि का चयन अंतिम रूप से कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण भूमि चयन से स्थानीय लोगों में खुशी और उम्मीद का माहौल है।
प्रशासनिक स्तर पर तेजी से चल रही कार्रवाई को देखते हुए यह माना जा रहा है कि जल्द ही कॉलेज भवन का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। अंचलाधिकारी द्वारा भूमि से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी गई है। भूमि चयन के बाद अब अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया के तहत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) कराया जाएगा। इस मूल्यांकन के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि कॉलेज निर्माण से स्थानीय लोगों, किसानों और आसपास के क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। असरगंज अंचलाधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और संबंधित रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लगभग एक माह के भीतर डिग्री कॉलेज भवन निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
अब तक असरगंज प्रखंड में डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए भागलपुर, मुंगेर, बांका, सुल्तानगंज और तारापुर जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इससे एक ओर जहां अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था, वहीं दूसरी ओर छात्राओं की पढ़ाई भी कई बार बाधित हो जाती थी। लंबी दूरी तय करने में सुरक्षा और सुविधा दोनों ही बड़ी समस्या बनी हुई थीं। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुल जाने से विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और आवागमन की कठिनाइयों से निजात मिलेगी।
कॉलेज निर्माण की खबर से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा और ड्रापआउट की समस्या में भी कमी आएगी। युवाओं को उम्मीद है कि कॉलेज खुलने से क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा और भविष्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। डिग्री कॉलेज का निर्माण असरगंज प्रखंड के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
