लखपति दीदी ऋतु और सुमन का ‘विदुर कैफे’ से पीएम मोदी से मिलने का सफर
मेहनत और समर्पण से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार लगातार खुल रहे हैं। इसी कड़ी में बिजनौर की दो महिलाओं, ऋतु हल्दर और सुमन रानी, का नाम ‘लखपति दीदी क्लब’ में शामिल हो गया है। इन दोनों महिलाओं ने ‘विदुर कैफे’ की शुरुआत कर न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि अब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ है।
‘विदुर’ नाम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ब्रांडिंग दी गई है, और महिलाएं स्वयं इसकी ब्रांड एंबेसडर बनकर अपनी किस्मत संवार रही हैं। इसी क्रम में, गांव अब्दुल्लापुर उर्फ हादरपुर निवासी सुमन देवी, जो पहले सीएलएफ पर अकाउंटेंट थीं, ‘राधा रानी स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद प्रशासन के सहयोग से विवेक विश्वविद्यालय में ‘विदुर कैफे’ शुरू किया। उन्होंने रेणु शर्मा, सूरजमुखी और विनीत को भी अपने साथ लिया। कैफे में चाय-कॉफी के साथ-साथ पिज्जा, बर्गर, मोमोज जैसे फास्ट फूड भी बेचे जा रहे हैं। सुमन रानी के खाते में ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से इतनी अधिक धनराशि आने लगी कि बैंक ने उनका खाता ही फ्रीज कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उनका करंट अकाउंट खुलवाया गया। कैफे से प्रतिदिन औसतन सात से आठ हजार रुपये की आमदनी हो रही है, और कैफे से जुड़ी चारों महिलाएं अब लखपति दीदी क्लब का हिस्सा हैं।
इसी तरह, गांव घासीवाला निवासी ऋतु हल्दर ने भी प्रशासन के सहयोग से नजीबाबाद रोड पर वर्धमान कॉलेज के सामने ‘विदुर कैफे’ खोला। उनकी साथी माया चक्रवर्ती भी उनके साथ हैं। दोनों महिलाएं प्रतिदिन लगभग दस से बारह किलोमीटर की दूरी तय करके शहर आती हैं और कैफे का संचालन करती हैं। उनके कैफे की प्रतिदिन की आमदनी भी लगभग चार से पांच हजार रुपये है।
इन दोनों महिलाओं की सफलता और उनके द्वारा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्राप्त आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री से मिलने के लिए उनका चयन उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। यह चयन न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करेगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर सशक्त बनने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि, प्रधानमंत्री से मिलने की निश्चित तिथि अभी तय नहीं हुई है।
