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लखीमपुर खीरी में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ, पिंजरे में कैद, राहत की सांस

By Nov 19, 2025

लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर वन रेंज में एक तेंदुए को पिंजरे में कैद किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों के अनुसार, वन विभाग कई दिनों से तेंदुए की तलाश कर रहा था, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल था।

वृंदावन कॉलोनी में एक बुजुर्ग पर बाघ के हमले के बाद, वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया था। हालांकि, पिंजरे में देर रात तेंदुआ कैद हो गया। क्षेत्र में बाघ और तेंदुए का आतंक बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोग काफी डरे हुए थे।

वन विभाग की टीम तेंदुए को ट्रॉली पर लादकर रेंज ले आई है। सूत्रों के अनुसार, तेंदुए को छोड़ने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी ललित कुमार ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं, और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पिछले एक वर्ष में, वन विभाग ने संपूर्णानगर क्षेत्र में कई बार बाघ और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। दो बार बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति भी मिली, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। बाघ को घेर कर पकड़ने के लिए चमेली और पवन काली को भी लाया गया था, लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिली।

इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को राहत दी है, जो तेंदुए के आतंक से परेशान थे। वन विभाग का कहना है कि वे बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास जारी रखेंगे और जल्द ही उसे भी पकड़ने में सफल होंगे।

इस बीच, सीतापुर के मुसब्बरपुर में भी एक तेंदुए को पकड़ा गया, जिसे मिर्जापुर के जंगल में छोड़ने की योजना है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तेंदुए के हमले में तीन लोग घायल हो गए, जबकि रेवाड़ी के एक कॉलेज में पांच दिन से छिपे तेंदुए को वन विभाग ने देर रात रेस्क्यू किया।

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