लिखिए पत्र, पाइए 50 हजार का इनाम: डाकघर की ‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता
डिजिटल क्रांति के इस दौर में, जहाँ संदेशों का आदान-प्रदान पल भर में व्हाट्सएप, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से हो जाता है, वहीं भारतीय डाक विभाग ने एक बार फिर कलम और कागज के महत्व को याद दिलाने की पहल की है। डाक विभाग ने ‘ढाई आखर’ नामक राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया है, जो लोगों को अपनी भावनाओं और विचारों को पारंपरिक तरीके से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागी 50 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार जीतने का सुनहरा अवसर पा सकते हैं।
प्रतियोगिता का विषय इस वर्ष ‘मेरे आदर्श को पत्र’ रखा गया है। प्रतिभागियों को अपने जीवन में प्रेरणा स्रोत बनने वाले किसी भी व्यक्ति को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखना होगा। यह किसी भी व्यक्ति, ऐतिहासिक हस्ती, या यहां तक कि किसी काल्पनिक चरित्र को भी हो सकता है, जिसने उनके जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया हो। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को पत्र लेखन की कला से पुनः जोड़ना है, जो भाषा, संवेदना और अभिव्यक्ति को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।
प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 8 दिसंबर 2025 है, और इस तारीख के बाद भेजे गए पत्रों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारत का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है: 18 वर्ष और उससे ऊपर के प्रतिभागियों के लिए अंतरदेशीय पत्र कार्ड श्रेणी और लिफाफा श्रेणी। दोनों श्रेणियों में राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 25,000 रुपये, द्वितीय 10,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 5,000 रुपये का होगा। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50,000 रुपये, द्वितीय 25,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 10,000 रुपये का रखा गया है।
पत्र केवल हाथ से लिखा हुआ होना चाहिए; कंप्यूटर या टाइपराइटर से लिखे गए पत्रों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी भारतीय स्थानीय भाषा में पत्र लिख सकते हैं। लिफाफा श्रेणी के लिए अधिकतम 1000 शब्दों की शब्द सीमा निर्धारित की गई है, जबकि अंतरदेशीय पत्र कार्ड के लिए यह सीमा 500 शब्द है। पत्र को अपने राज्य के मुख्य डाक महाप्रबंधक को संबोधित करके भेजना होगा। डाक विभाग का मानना है कि यह अभियान युवाओं को ‘डिजिटल डिटॉक्स’ की ओर प्रेरित करेगा और उन्हें लिखने की पुरानी सुंदर परंपरा से जोड़ने में मदद करेगा।
