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फरीदाबाद के आरोग्य केंद्रों में जच्चा-बच्चा सेवाओं में कमी, 25% से अधिक गर्भवती रेफर: स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

By Jan 7, 2026

फरीदाबाद के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के 24 घंटे सेवा के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अधिकांश केंद्रों में प्रसव संबंधी कार्यों का जिम्मा केवल नर्सिंग अधिकारियों पर है, जिससे गंभीर परिस्थितियों में महिलाओं को रेफर करना पड़ रहा है।

सेवाओं में कमी और रेफरल का बढ़ता आंकड़ा

जांच में पाया गया है कि इन केंद्रों में आने वाली 25 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं को विभिन्न कारणों से नागरिक अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इनमें समय से पहले प्रसव, गर्भवती में रक्त की कमी या अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं शामिल हैं। शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ का नाम भले ही दे दिया गया हो, लेकिन सुविधाओं का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है। कई डिलीवरी हट में बिस्तरों की कमी है, जिससे गर्भवती महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए एक ही बिस्तर पर दो महिलाओं को रखने की नौबत आ रही है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्था

डबुआ कॉलोनी स्थित आरोग्य केंद्र में प्रसूति विभाग के चार बिस्तरों पर हर महीने 100 से अधिक डिलीवरी होती हैं। यहां महिला रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति चिंता का विषय है। इसी तरह, एसी नगर के आरोग्य मंदिर परिसर में साफ-सफाई का अभाव है और यहां डिलीवरी हट की सुविधा न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को जांच के बाद नागरिक अस्पताल भेज दिया जाता है। मरीजों के परिजनों ने सुविधाओं में सुधार की मांग की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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