लाखों की लागत वाला अन्नपूर्णा भवन बंद, गरीबों को नहीं मिल रहा राशन
अमेठी जिले के बाजारशुकुल क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गयासपुर ग्राम पंचायत में राज्य वित्त और मनरेगा के संयुक्त बजट से करीब सात लाख रुपये की लागत से अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया गया था। इस भवन का उद्देश्य गरीबों तक सरकारी राशन को सुगमता से पहुंचाना था, लेकिन निर्माण के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह भवन पूरी तरह से बंद पड़ा है।
लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन के बंद रहने का मुख्य कारण वहां तक पहुंचने के लिए किसी भी प्रकार के पक्के या सुगम रास्ते का अभाव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भवन का निर्माण सड़क से काफी नीचे कराया गया है, जिस कारण राशन सामग्री लेकर आने वाले वाहन वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस समस्या के चलते न तो भवन में राशन का भंडारण हो पा रहा है और न ही जरूरतमंदों को उसका वितरण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधान ने इस समस्या को लेकर कई बार खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से गुहार लगाई है। उन्होंने भवन तक आवागमन के लिए रास्ता बनवाने की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंच सके। सूत्रों के अनुसार, भवन के निर्माण के लिए आवंटित गाटा संख्या की शेष भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से बल्ली पटरी लगाकर कब्जा कर रखा है, जिससे रास्ता बनाना और भी जटिल हो गया है।
ग्राम प्रधान सुनीता यादव ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लाखों रुपये की सरकारी राशि बर्बाद हो रही है और गरीब जनता को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक भवन तक पहुंचने का सुगम रास्ता नहीं बनता, तब तक इसका कोई उपयोग नहीं हो सकता। उन्होंने बीडीओ से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की अपील की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अंजली सरोज ने बताया कि ग्राम प्रधान को मनरेगा के तहत मिट्टी पटाई कराकर रास्ता बनवाने का निर्देश दिया गया था। यदि अभी तक रास्ता नहीं बना है, तो प्रधान से संपर्क कर इसे शीघ्र बनवाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा ताकि अन्नपूर्णा भवन का उपयोग शुरू हो सके और गरीबों को राशन मिल सके।
