खतौनी से नाम गायब होने पर छाता के किसान परेशान, न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के छाता तहसील में किसानों को अपनी खतौनी में नाम हटाये जाने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या से जूझ रहे किसानों में से एक हैं बच्चू, जो तरौली जनूबी के निवासी हैं। बुधवार को बच्चू तहसील में पहुंचे और तहसीलदार से अपनी गुहार लगाई। उन्होंने भू-राजस्व रिकॉर्ड में वर्तमान स्थिति को जांचने और सही करने का आग्रह किया, साथ ही धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, बच्चू ने बताया कि खतौनी में नाम न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी जमीन से जुड़े कानूनी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उनके साथ आए अधिवक्ता श्याम सिंह ने बताया कि छाता तहसील में कई किसानों की खतौनी में गड़बड़ी पाई गई है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इस मामले में, तहसील में चक्कर लगा रहे किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। राजस्व अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं।
इस स्थिति को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है और वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं। इस मामले में, प्रशासन को जल्द ही कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके और वे अपनी जमीन से जुड़े अधिकारों का सही ढंग से उपयोग कर सकें।
