खोया फोन लौटाने में ‘संचार साथी’ बना वरदान, लाखों डिवाइस हुए रिकवर
अगर आपका कीमती मोबाइल फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत सरकार का ‘संचार साथी’ पोर्टल इस समस्या का समाधान लेकर आया है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद से खोए हुए मोबाइल फोन के वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है। मंत्रालय के अनुसार, इस साल अक्टूबर माह में ‘संचार साथी’ की मदद से कुल 50,534 मोबाइल फोन रिकवर किए गए हैं। यह संख्या इस साल जून में रिकवर हुए 34,339 फोन की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।
‘संचार साथी’ पोर्टल की सफलता दर लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ महीनों में इस पोर्टल के माध्यम से बड़ी संख्या में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक कर रिकवर किया गया है। अगस्त 2023 में 45,243 फोन रिकवर हुए थे, जबकि जून 2023 में यह आंकड़ा 34,339 था। मंत्रालय का दावा है कि इस पोर्टल की बदौलत हर मिनट एक चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन की रिकवरी हो रही है।
यह पोर्टल सिर्फ फोन रिकवरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को कई अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं भी प्रदान करता है। इसके माध्यम से आप यह जान सकते हैं कि आप जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह कहीं चोरी का तो नहीं है। इसके अलावा, आप यह भी पता लगा सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड जारी किए गए हैं। यह सुविधा फर्जीवाड़े को रोकने में भी सहायक है, जहां लोग आपके नाम पर सिम लेकर गलत कामों में इस्तेमाल करते हैं।
‘संचार साथी’ पोर्टल की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि जब आप अपने फोन के चोरी होने या खोने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो उस फोन को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता है। यदि कोई व्यक्ति उस फोन में नया सिम डालने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस और शिकायतकर्ता दोनों को अलर्ट के माध्यम से मिल जाती है। इस प्रणाली ने महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में फोन रिकवरी को काफी बढ़ावा दिया है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 42 लाख से अधिक मोबाइल फोन को इस पोर्टल की मदद से ब्लॉक किया जा चुका है।
‘संचार साथी’ पोर्टल को वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया था, जबकि इसका मोबाइल ऐप इसी साल जनवरी में शुरू हुआ। यह पोर्टल उन लोगों के लिए भी बहुत उपयोगी है जो सेकेंड हैंड मोबाइल फोन खरीदते हैं। वे इस पोर्टल पर फोन की सत्यता की जांच कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि फोन चोरी का तो नहीं है। इसके अतिरिक्त, यदि आपके नाम पर आपकी जानकारी के बिना कोई सिम आवंटित किया गया है, तो आप उसे आसानी से पता लगाकर ब्लॉक करवा सकते हैं, जिससे भविष्य में किसी भी फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है।
