खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की खुली चुनौती: पंजाब पुलिस को धमाके का सच बताने को कहा
पंजाब के गुरदासपुर में थाना सिटी के बाहर हुए एक रहस्यमय धमाके के बाद अब आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) ने पंजाब पुलिस को खुली चुनौती दी है। इंटरनेट मीडिया पर की गई एक पोस्ट में केएलएफ ने कहा है कि अगर पुलिस इस धमाके को ट्रक का टायर फटना मानती है तो मान ले, लेकिन आने वाले दिनों में सच्चाई सामने आ जाएगी। संगठन ने डीजीपी और एसएसपी को इस मामले में हल्ला न करने की भी सलाह दी है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात हुए इस धमाके में घायल महिला सपना शर्मा के शरीर में एक-दो नहीं बल्कि कई छर्रे मिले हैं। गुरुवार को सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद इसकी पुष्टि की। वहीं, इस घटना में गांव नंगल कोटली निवासी राकेश कुमार की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। इन गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस अभी भी इस घटना को ट्रक का टायर फटना बता रही है, हालांकि उसने जांच शुरू कर दी है।
गुरुवार को पुलिस की बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमों ने थाना सिटी के बाहर और पुलिस लाइन के आसपास के क्षेत्र में गहनता से जांच की, लेकिन अभी तक कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
धमाके में घायल राकेश कुमार ने पीजीआई से जारी एक वीडियो में बताया कि मंगलवार देर शाम वह अपनी पत्नी के साथ स्कूटी पर सवार होकर थाना सिटी के बाहर से गुजर रहे थे, तभी अचानक यह धमाका हुआ। इस धमाके में वे दोनों घायल हो गए। उनकी आंख पर गंभीर चोट लगने के कारण पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल और फिर पठानकोट के आंखों के विशेषज्ञ के पास ले जाया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें तुरंत पीजीआई जाने की सलाह दी। पीजीआई में उनका चार घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसके बाद उन्हें पता चला कि उनकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह से जा चुकी है। राकेश कुमार ने भावुक होकर बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे परिवार में अकेले कमाने वाले हैं। उनके भाइयों ने कर्ज लेकर उनका इलाज करवाया है।
यह घटना पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब एक आतंकी संगठन पुलिस को चुनौती दे रहा है और निर्दोष नागरिक गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। पुलिस की जांच का इंतजार है कि वह कब तक इस मामले की सच्चाई सामने ला पाती है।
