कुशीनगर: धान खरीद को रफ्तार, अब 62 नहीं 72 केंद्रों पर होगी खरीदारी
कुशीनगर जिले के पडरौना में धान खरीद प्रक्रिया को गति देने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कुल 10 और केंद्र बढ़ाए गए हैं। अब जिले में धान की खरीदारी 62 के बजाय 72 केंद्रों पर की जाएगी। इन अतिरिक्त केंद्रों का उद्देश्य खरीद को तेज करना और अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
बीते 16 दिनों में कुल 129 किसानों से 886 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जो लक्ष्य के मुकाबले धीमी गति को दर्शाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, ऑनलाइन पंजीकरण करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। केंद्र प्रभारी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे साइबर कैफे या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण समय रहते पूरा कर लें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि समय पर पंजीकरण नहीं हुआ, तो संबंधित किसान का धान नहीं खरीदा जाएगा।
इस बार धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। शासन स्तर पर इस बार 99 हजार टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछली बार 84 केंद्रों पर 74 हजार टन का लक्ष्य था। वर्तमान में बनाए गए 72 क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 24, पीसीएफ के 29, पीसीयू के 20 और एफसीआई का एक केंद्र शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर केंद्रों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
किसानों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर को अपडेट कराने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि खरीद या भुगतान में कोई बाधा न आए। कुशीनगर के डिप्टी आरएमओ ने बताया कि फसल तैयार होने में विलंब के कारण खरीद प्रभावित हो रही है, इसलिए किसानों को चाहिए कि वे समय सीमा में ऑनलाइन पंजीकरण करा लें। कुशीनगर के एडीएम ने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को अधिक से अधिक संख्या में धान बेचने के लिए प्रेरित करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, किसानों का कहना है कि पंजीकरण के बाद सत्यापन में होने वाले विलंब की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, मंडी में एफआरके की कमी के चलते धान उठान ठप होने से भी किसानों की चिंताएं बढ़ी हैं, और पिछले तीन दिनों से खरीद बंद है।
