कुंभ मेला क्षेत्र में फिर खिलेगा हरियाली का इंद्रधनुष, ब्रज के देवालयों को महकाएंगे फूल
कुंभ मेला क्षेत्र, जो कभी बाढ़ की विभीषिका से नष्ट हो गया था, अब एक बार फिर हरियाली की चादर ओढ़ने को तैयार है। इस पुनर्जीवन अभियान के तहत, श्री बांकेबिहारी महाराज के प्राकट्योत्सव पर 25 नवंबर को श्री बिहार पंचमी पंचवटी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर, ब्रज के 108 संतों के हाथों से 108 पंचवटी के पौधे रोपे जाएंगे, जो इस क्षेत्र को न केवल हरा-भरा बनाएंगे बल्कि एक आध्यात्मिक महत्व भी प्रदान करेंगे।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना 140 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है। इसके पहले चरण में, 45 एकड़ भूमि पर पीपल, गूलर, पाखड़, आम और बरगद जैसे घने वृक्षों के पौधे लगाए जाएंगे। इन वृक्षों के बीच, लगभग 35 एकड़ भूमि को सीजनल फूलों की खेती के लिए समर्पित किया जाएगा। इन फूलों का मुख्य उद्देश्य ब्रज के मंदिरों में ठाकुरजी की पूजा-सेवा के लिए भेजा जाना है, जिससे मंदिरों की दिव्यता और भी बढ़ जाएगी।
इस अनूठी योजना को इन्फिनिटी ग्रुप की पहल कृष्णा भूमि आर्केड ने उत्तर प्रदेश वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किया है। हाल ही में, पर्यटक सुविधा केंद्र पर कृष्णा भूमि आर्केड के मुख्य विपणन अधिकारी रवि शंकर और जिला वन अधिकारी वेंकटेश्वर पटेल ने पत्रकारों को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालिया बाढ़ के कारण लगभग दो लाख पौधों को भारी क्षति पहुंची थी। इस नुकसान की भरपाई और हरित अभियान को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से ही बिहार पंचमी पंचवटी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
140 एकड़ में विकसित किया जा रहा यह हरित क्षेत्र, परिक्रमा मार्ग और यमुना नदी के बीच स्थित होगा, जो श्रद्धालुओं को एक अनूठा प्राकृतिक और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बाढ़ से बचाव के लिए 15 फुट से अधिक लम्बाई वाले पौधे लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से उन्हें नुकसान न पहुंचे।
इस महोत्सव का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना करेंगे। इस गरिमामयी आयोजन में संगीत की दुनिया के दिग्गज भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। ग्रैमी पुरस्कार विजेता पद्म भूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट (मोहन वीणा के जनक), तंत्री सम्राट पंडित सलील भट्ट (सतविक वीणा के जनक) और ग्रैमी पुरस्कार नामांकित पंडित अजय प्रसन्ना भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। उनकी उपस्थिति इस आयोजन को और भी खास बना देगी।
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