कतर्नियाघाट में होमस्टे से ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के नए अवसर
बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में पर्यटन के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की पहल के तहत, पांच गांवों में होमस्टे का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आने वाले पर्यटकों को एक अनूठा ग्रामीण परिवेश का अनुभव कराना है, जहां वे न केवल स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा को करीब से देख सकेंगे, बल्कि स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद ले सकेंगे।
इस ग्रामीण पर्यटन विकास परियोजना के तहत, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के थारू बहुल गांव बर्दिया के रमाकांत की बाग, कारीकोट के परमानंद व संत राम, और आजमगड़पुरवा के मनोज मौर्य की जमीन होमस्टे के निर्माण के लिए चिह्नित की गई है। इन होमस्टे में स्नानागार, शौचालय, जल और ऊर्जा आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि पर्यटकों को आरामदायक अनुभव मिल सके।
पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, प्रत्येक होमस्टे में सीसी कैमरे और अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों से परिचित कराने के लिए प्रशिक्षित गाइड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल न केवल पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए आय का एक नया स्रोत भी खोलेगी।
ग्रामीण पर्यटन विकास परियोजना के अधिकारी अनंत प्रसाद और डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर मनोज कुमार मौर्य के अनुसार, होमस्टे का निर्माण कार्य प्रयागराज स्थित आदर्श इंटरप्राइजेज संस्था की देखरेख में किया जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
