कासगंज: स्कूली बस से गिरी बच्ची की मौत, भाई की चीख के बाद खुला स्कूल प्रबंधन का सच, road accident
कासगंज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक स्कूली बस से गिरकर एक बच्ची की मौत हो गई। इस हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया, जिसके चलते करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहा। घटना के समय बस में 55 बच्चे सवार थे, जबकि वह 32 सीटर थी। स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है।
भाई की चीख और चालक की लापरवाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची का बड़ा भाई गोलू भी उसी स्कूल में पढ़ता है और घटना के समय बस में अपनी बहन के साथ था। जब बच्ची टूटे फर्श से नीचे गिरी, तो गोलू चिल्लाया, “अंकल गाड़ी रोको, मेरी बहन गिर गई है।” चालक ने बस रोकी और बच्ची को उठाकर सीट पर बिठा दिया। आरोप है कि उसने गोलू को घर पर कुछ भी न बताने की धमकी भी दी। इसके बाद चालक ने बच्ची के पिता को केवल चोट लगने की सूचना दी, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों का पीछा और जाम
हादसे के बाद ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों को देखकर चालक बस लेकर भागने लगा, जिसका उन्होंने करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया और मलसई के पास बस को रुकवाया। वहां बच्ची के पिता और परिजन भी पहुंच गए। बच्ची की मौत की पुष्टि होने पर आक्रोशित लोगों ने सड़क पर बल्ली लगाकर जाम लगा दिया। इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच और कार्रवाई
सूचना पर थाना दादों, छर्रा, पालीमुकीमपुर, अकराबाद थाने का फोर्स और छर्रा सीओ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में पिता रवि ने ढोलना थाने में तहरीर दी है। स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं, क्योंकि बस का फर्श टूटा हुआ था और क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। बस में कंडक्टर साइड व पिछले टायर का मडगार्ड भी नहीं था।
