करनाल धान घोटाला: 20 करोड़ की हेराफेरी में हैफेड के दो और अधिकारी सस्पेंड, आढ़ती गिरफ्तार; SIT करेगी जांच
करनाल में धान घोटाले के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यालय ने हैफेड के दो और अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। असंध मंडी के परचेजर प्रमोद कुमार और निसिंग मंडी के परचेजर दर्शन सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों पर आरोप है कि धान खरीद के दौरान अनियमितता बरती गई। असंध की दो मिलों में असंध मंडी और निसिंग मंडी से धान की आवक दिखाई गई थी, लेकिन इन दोनों मिलों में नौ करोड़ रुपये का धान कम पाया गया था।
उधर, एसपी गंगाराम पूनिया ने इस मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी है। डीएसपी राजीव कुमार की अध्यक्षता में यह एसआइटी जांच करेगी। करनाल मंडी में फर्जी गेट पास मामले में सीआइए 2 की टीम ने आढ़ती नरेश गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। कई अन्य आढ़तियों की भूमिका भी संदिग्ध है। मिलर्स और अधिकारियों के बाद अब आढ़ती पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
जांच अब आढ़तियों की कार्यप्रणाली पर टिक गई है। पुलिस आढ़तियों के खातों के साथ-साथ पोर्टल पर पंजीकरण और सीसीटीवी कैमरों से धान की आवक की जांच कर रही है। जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक का धान घोटाला सामने आया है। इसको लेकर अलग-अलग थानों में कुल छह एफआइआर दर्ज हैं।
अब तक असंध के दो मिलों में 9 करोड़ की गड़बड़ी मामले में दो आढ़ती गिरफ्तार हो चुके हैं और हैफेड के डीएम समेत दो इंस्पेक्टर सस्पेंड हो चुके हैं। इसी प्रकार, करनाल मंडी में फर्जी गेट पास मामले में मंडी सुपरवाइजर के साथ-साथ दो आपरेटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
धान घोटाले की गंभीरता से जांच जारी है। दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। साइबर सेल की टीमें गेट पास से धान की आवक तक की जांच कर रही हैं। जांच में जो भी सामने आ रहा है, उसके आधार पर कार्रवाई जारी है। फर्जीवाड़े में जो भी शामिल है, उनको बख्शा नहीं जाएगा। एसआइटी गठित कर दी गई है। -गंगाराम पूनिया, एसपी, करनाल।
