कर्नाटक सीएम पद पर रार: सिद्धरमैया का अगला बजट पेश करने का ऐलान, शिवकुमार खेमे में हलचल
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही उठापटक ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल पद छोड़ने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अगले साल कर्नाटक का अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, सिद्धरमैया ने यह बात एक कार्यक्रम में कही, जहाँ उन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक बार उन पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उन्होंने 16 बजट सफलतापूर्वक पेश किए हैं और अब वे 17वां बजट पेश करने के लिए तैयार हैं। उनका यह बयान उस चर्चा को हवा दे रहा है कि ढाई साल के रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के तहत डीके शिवकुमार को जल्द ही मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि मई 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। तब पार्टी हाईकमान ने दोनों के बीच समझौता कराया था, जिसके तहत सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। ऐसी चर्चा थी कि शिवकुमार को ढाई साल बाद मुख्यमंत्री पद सौंपा जाएगा। नवंबर में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हो जाएंगे, जिससे शिवकुमार के समर्थकों में उम्मीद जगी थी।
हाल ही में, उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी संकेत दिए थे कि अब नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में 5 साल से अधिक समय तक काम किया है और अब दूसरों को भी मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा के लिए यह पद नहीं रख सकते और मार्च में उनके कार्यकाल के छह साल पूरे हो जाएंगे। शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भले ही सीएम न रहें, पर नेतृत्व में बने रहेंगे।
सिद्धरमैया के बजट पेश करने के बयान ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिससे डीके शिवकुमार के खेमे में मायूसी छा गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई परिस्थिति में पार्टी हाईकमान क्या रुख अपनाता है और कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य की दिशा क्या होती है।
