0

कर्मचारियों की हड़ताल से गांवों में विकास कार्य ठप, गंदगी का साम्राज्य

By Nov 25, 2025

जनपद में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने जनसेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम विकास अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से अपनी मांगों को लेकर सोमवार को तीसरे दिन भी राजीव भवन परिसर में धरना जारी रखा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक यह धरना जारी रहेगा।

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गांवों में महत्वपूर्ण सेवाएं ठप पड़ गई हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विकास कार्य भी रुक गए हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति गांवों की सफाई व्यवस्था की है, जिसके ठप होने से गंदगी का साम्राज्य फैल रहा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।

तीनों कर्मचारी संघों की समन्वय समिति के अध्यक्ष सियाराम गौतम की अध्यक्षता में आयोजित धरने में कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों पर जोर दिया। धरने को समर्थन देते हुए संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेन्द्र यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और जिलाधिकारी को इन पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

समन्वय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ग्राम पंचायत अधिकारी राजकुमार चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों पर पंचायत विभाग के मूल कार्यों के अलावा अन्य विभागों के अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। इनमें कृषि विभाग की फॉर्मर आईडी, एग्री स्टैंग, पराली प्रबंधन, समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन का सत्यापन, श्रम विभाग के श्रमिक पंजीकरण, स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान कार्ड योजना, पशु पालन विभाग का गोशाला संचालन, राजस्व विभाग की फैमिली आईडी, लघु सिंचाई विभाग के जल स्रोतों की संगणना और शिक्षा विभाग की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी जैसे कार्य शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इन अतिरिक्त कार्यों में देरी होने पर जिले के अधिकारी कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं, उनका वेतन रोकते हैं और निलंबन जैसी कार्रवाई की धमकी देते हैं। इससे वे अपने मूल दायित्वों का निर्वहन भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनसे अवकाश के दिनों में भी काम लिया जा रहा है, जो कि अनुचित है।

समन्वय समिति के महामंत्री ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हरेन्द्र सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आपातकालीन स्थिति और वीवीआईपी/वीआईपी ड्यूटी को छोड़कर भी कर्मचारियों को छुट्टी के दिन मीटिंग या अन्य ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों से गोशालाओं के अतिरिक्त कार्य भी लिए जा रहे हैं।

इस धरने में समन्वय समिति के उपाध्यक्ष नानक राम, दिनेश कुमार, राजेन्द्र सिंह, दीवान सिंह, चंद्रफल यादव, सुरेन्द्र सिंह, लाल सिंह, ज्वाला सिंह, विशन सिंह, अमित बालयान, रूपेन्द्र, वीरेश सहित अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहेंगे।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें