कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम दुबई भागा, 126 दवा फर्मों की जांच शुरू
नशे के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के गिरोह का मुख्य सरगना, वाराणसी के शुभम जायसवाल, गिरफ्तारी से पहले ही देश से फरार हो गया है। गाजियाबाद पुलिस की जांच में उसका नाम सामने आने के बाद, सर्विलांस और लोकेशन डिटेल से पता चला कि शुभम पांच नवंबर को रांची से कोलकाता गया और वहां से दुबई के लिए उड़ान भरी।nnnसूत्रों के अनुसार, शुभम फर्जी फर्मों के माध्यम से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था। उसने गाजियाबाद और वाराणसी में गोदाम बना रखे थे, जहां से कोडिनयुक्त कफ सिरप की बड़ी खेपों को उत्तर प्रदेश, झारखंड, बंगाल, बिहार और यहां तक कि नेपाल तक पहुंचाया जाता था। शुभम का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया जब 19 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने दो कंटेनरों से नमकीन और चिप्स के पैकेटों के बीच छिपाकर ले जाए जा रहे करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये मूल्य के कफ सिरप की खेप पकड़ी थी। इस खेप में 1.20 लाख से अधिक शीशियां थीं।nnnट्रक ड्राइवरों और मालिकों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि यह माल शुभम जायसवाल की फर्म से मेरठ के आसिफ वसीम के जरिए भेजा गया था और गाजियाबाद के एक गोदाम से लोड किया गया था। इसके बाद, चार नवंबर को गाजियाबाद पुलिस ने 1,150 पेटी कफ सिरप बरामद कर आठ तस्करों को गिरफ्तार किया था।nnnवाराणसी में मामला तब और गंभीर हो गया जब औषधि निरीक्षक ने 15 नवंबर को कोतवाली में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद सहित 26 दवा कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में लगभग 89 लाख शीशियों की खरीद का ब्योरा और 100 करोड़ रुपये से अधिक के गैर-चिकित्सीय उपयोग की आशंका जताई गई थी। इसके बाद, पुलिस कमिश्नर ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच तेज होते ही शुभम और उसका साथी आसिफ भूमिगत हो गए।nnnएसआईटी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 19 नवंबर की रात रोहनिया में एक जिम के बेसमेंट से कफ सिरप की 93,750 शीशियां बरामद की गईं, जिनका संबंध भी शुभम से पाया गया। जांच में गाजियाबाद, वाराणसी, सोनभद्र, गाजीपुर और चंदौली में इस नेटवर्क की कड़ियां सामने आई हैं और अब 126 संदिग्ध फर्में जांच के दायरे में हैं।nnnड्रग विभाग की अलग जांच के बाद, एसआईटी अब इस पूरे नेटवर्क की आपराधिक एंगल से जांच कर रही है। एसआईटी प्रमुख के अनुसार, उनका मुख्य ध्यान ‘सप्लाई प्वाइंट’ यानी नशे के इस्तेमाल के लिए कफ सिरप की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचना है। साइबर और सर्विलांस विशेषज्ञ शुभम जायसवाल के आर्थिक साम्राज्य के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन और इंटरनेट पर होने वाली बातचीत और संपर्कों की गहनता से जांच कर रहे हैं।”
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