कोल्हान विवि दीक्षांत: राज्यपाल ने गोल्ड मेडलिस्ट को किया सम्मानित, देश सेवा की प्रेरणा दी
चाईबासा में कोल्हान विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन बुधवार को गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य के राज्यपाल संतोष गंगवार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, विशेष रूप से स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया। राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और समारोह में उपाधि ग्रहण कर रहे शोधार्थियों को प्रोत्साहित किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कोल्हान क्षेत्र की समृद्ध सामाजिक परंपरा, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक जीवन और यहाँ के लोगों की सम्मान की भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अब समाज को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों पर आ गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जहां भी जाएं, अपने साथ झारखंड की विशिष्ट संस्कृति, मूल्यों और पहचान को लेकर जाएं और उसे आगे बढ़ाएं। उन्होंने वंचित और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील भी की।
शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के वास्तविक निर्माता होते हैं। इसलिए, शिक्षण कार्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण में भी उनका सक्रिय योगदान अनिवार्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
समारोह में वर्ष 2021 से 2024 तक के सत्रों के उन विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, प्रमाण पत्र और उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। इस वर्ष के बेस्ट ग्रेजुएट सम्मान के लिए केएमपीएम कॉलेज की तमन्ना और करीम सिटी कॉलेज के चंद्रखेखर को चुना गया है, जिन्हें विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह दो दिनों तक चलेगा, जिसकी विस्तृत रूपरेखा कुलपति द्वारा तय की जाएगी। इस आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय में उत्साह का माहौल है, हालांकि 9500 छात्रों के बैठने की व्यवस्था को लेकर विवि के समक्ष कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जिन पर कुलपति विचार कर रहे हैं।
