कानपुर देहात: ‘Sugarcane juice’ पीने से पहले जान लें ये बातें, सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान
कानपुर देहात में मौसम बदलने के साथ ही गांवों से लेकर कस्बों तक में गन्ने के रस के ठेले सजने लगे हैं। कई विक्रेता साइकिलों पर कैन में रस लेकर मोहल्लों में फेरी लगाकर बेच रहे हैं। हालांकि, गन्ने का रस कई औषधीय गुणों से युक्त होता है, लेकिन इसे निकालने और परोसने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
गन्ने के रस में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं। इसकी प्राकृतिक शुगर शरीर को ऊर्जा देती है और पाचन तंत्र को मजबूत करती है। यह पेट को संक्रमण से बचाता है और कब्ज की समस्या दूर करता है। गन्ने का रस शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है, जिससे धमनियों में फैट नहीं जमता। नींबू और नारियल पानी के साथ मिलाकर पीने से यह किडनी संक्रमण और पथरी से भी बचाव करता है।
हालांकि, गन्ने का रस निकालते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि गन्ने पेरने वाली मशीनों को चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल रस में मिलकर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा, बासी रस पीने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
गन्ने के रस से होने वाले नुकसान के मुख्य कारण हैं: गन्ने की गुणवत्ता न परखना (सड़ा गन्ना पेरना), अशुद्ध पानी से बनी बर्फ का उपयोग, रस निकालने वाली जगह पर मक्खियों का संक्रमण, और कोल्हू को हल्का करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला तेल। इन कारणों से पेट संबंधी बीमारियां और संक्रमण हो सकते हैं।
