कानपुर देहात: जनसेवा केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, अधिकारियों को नहीं भनक
कानपुर देहात के रसूलाबाद कस्बे में जनसेवा केंद्रों द्वारा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खेल चल रहा है। स्कूलों में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का फायदा उठाते हुए, कुछ केंद्र संचालक मोटी रकम वसूल रहे हैं। टिपटिया गांव के एक युवक को पांच सौ रुपये में ऐसा ही एक फर्जी प्रमाण पत्र थमाया गया, जो बाद में आधार कार्ड अपडेट कराने के दौरान पकड़ा गया।
यह फर्जीवाड़ा सिर्फ एक मामला नहीं है। ब्लॉक के बाहर काम कर रहे निजी युवक भी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर दो से तीन हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। इससे अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ऐसे प्रमाण पत्र किसी भी सरकारी काम में मान्य नहीं होते।
इस संबंध में एडीओ पंचायत जेपी शुक्ला ने कहा कि पहले भी ऐसे फर्जी प्रमाण पत्र सामने आए हैं। उन्होंने सलाह दी कि लोग पंचायत सचिव से संपर्क करें या एक साल से ऊपर के प्रमाण पत्र के लिए एसडीएम के पास आवेदन करें। एसडीएम सर्वेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने की एक निर्धारित प्रक्रिया है और यदि कोई फर्जीवाड़ा कर रहा है तो शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करता है, क्योंकि इस बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जीवाड़े की भनक अधिकारियों को नहीं है।
इस फर्जीवाड़े का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें सरकारी योजनाओं और बच्चों के भविष्य के लिए आवश्यक दस्तावेजों को प्राप्त करने में धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ रहा है।
